
आओ हमसब मिलकर इतिहास रचाएंगे
बाबा के सपनों का समाज बनाएंगे
बुद्ध के दर्शन पर विश्वास जगाएंगे
धम्म की शिक्षा का चिराग जलाएंगे
ना होगी कोई जाति, न होगा कोई वर्ण
ना कोई हो विभाजन अवर्ण या सवर्ण
ना स्त्री और पुरुष में कोई भेद होगा
ना किसी को अपने पैदा होने पे खेद होगा
जग में समता का रिवाज़ बनाएंगे
बाबा के सपनों का समाज बनाएंगे
ना होगी कहीं हिंसा ना होगा अत्याचार
ना कोई छिन सकेगा जीने का अधिकार
नारी होगी शिक्षित जो होगी स्वावलम्बी
समझेगा अपना सा ना पुरुष होगा दम्भी
नारी के हक में आवाज़ उठाएंगे
बाबा के सपनों का समाज बनाएंगे
बुद्ध के दर्शन पर विश्वास जगाएंगे
धम्म की शिक्षा का चिराग जलाएंगे